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टाइगर रिजर्व में 'डेथ ट्रैप': ओडिशा के शिकारियों ने नाले में घोला जहर; बाघ की खाल के लिए दी थी 'सुपारी

13 May 2026  

टाइगर रिजर्व में 'डेथ ट्रैप': ओडिशा के शिकारियों ने नाले में घोला जहर; बाघ की खाल के लिए दी थी 'सुपारी

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उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व में एक खौफनाक साजिश का पर्दाफाश हुआ है। ओडिशा के शिकारियों ने यहां सक्रिय बाघ को मारने के लिए पूरे नाले को ही जहरीला बना दिया था। वन विभाग की एंटी पोचिंग टीम ने 5 दिनों के लंबे ऑपरेशन के बाद 7 आरोपियों को दबोच लिया है। इनके पास से जहर, चीतल के सींग, जहरीली मछलियां और केकड़े बरामद किए गए हैं।


मामले का सबसे चौंकाने वाला खुलासा तब हुआ जब 76 वर्षीय मास्टरमाइंड रमन हेरना को पकड़ा गया। उसने कबूल किया कि बाघ की खाल हासिल करने के लिए उसने कुसुमखूंटा गांव के एक व्यक्ति को बाकायदा 'कॉन्ट्रैक्ट' दिया था। योजना तीर-कमान और जहर के जरिए बाघ को ठिकाने लगाने की थी, जिसमें कटफाड़ गांव के कई स्थानीय लोगों को शामिल किया गया था।


इनपुट मिलते ही विभाग ने ओडिशा बॉर्डर से लगी पहाड़ियों और बीहड़ों में 3 विशेष चौकियां स्थापित कर घेराबंदी शुरू कर दी थी। 10 मई को टीम ने रानीबरझोला नाला के पास घेराबंदी की, जहां 6 आरोपी पानी में जहर डालकर शिकार करते रंगे हाथों पकड़े गए। ये शिकारी उस पानी को जहरीला कर रहे थे जिसे बाघ और हाथी पीने आते हैं। गिरफ्तार आरोपियों में बुधराम पहरिया, अनंतराम, मनलाल, दिगसन, धनु चिड़ा और मधुराम शामिल हैं। राजिम कोर्ट ने सभी को 14 दिन की न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।


इस घटना के बाद पूरे टाइगर रिजर्व क्षेत्र में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। विभाग अब थर्मल ड्रोन और बॉर्डर कैंपों के जरिए 24 घंटे निगरानी कर रहा है। जब्त किए गए जहर को जांच के लिए रायपुर एफएसएल लैब भेजा गया है। वन विभाग का कहना है कि वन्यजीवों के खिलाफ ऐसी किसी भी साजिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और फरार आरोपियों की तलाश में छापेमारी जारी है।
 

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