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छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के आमानाका इलाके में बीते साल नवंबर में हुए सनसनीखेज मासूम मयंक मिश्रा हत्याकांड की गुत्थी को पुलिस ने सुलझा लिया है। 4 साल के बच्चे की मौत कोई हादसा नहीं, बल्कि उसकी सगी मां के प्रेमी द्वारा की गई बेरहमी से हत्या थी। पुलिस ने वारदात के बाद से फरार चल रहे मुख्य आरोपी जयदीप सिंह को करीब सात महीने बाद गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। आरोपी अपनी गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार ठिकाने बदल रहा था और इस दौरान वह गोवा, मुंबई, मोरवी और हैदराबाद जैसी जगहों पर छिपकर काम कर रहा था।
यह पूरा मामला 1 नवंबर 2025 का है, जब आमानाका पुलिस को 4 वर्षीय मयंक मिश्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत की सूचना मिली थी। परिजन बच्चे को बेहोशी की हालत में अस्पताल ले गए थे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। शुरुआती तौर पर इसे सामान्य मौत माना जा रहा था, लेकिन जब पोस्टमार्टम रिपोर्ट आई तो पुलिस के भी होश उड़ गए। डॉक्टरों ने रिपोर्ट में साफ किया कि मासूम की गला दबाकर हत्या की गई थी। इसके बाद पुलिस ने नए कानून के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103 के तहत हत्या का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की।
पुलिस की तफ्तीश में जो सच सामने आया, वह बेहद चौंकाने वाला था। जांच में पता चला कि आरोपी जयदीप सिंह और मृतक बच्चे की मां के बीच अवैध संबंध थे। जयदीप अक्सर मयंक के घर आया-जाया करता था। इसी दौरान उसे लगने लगा कि 4 साल का मासूम मयंक उन दोनों के रिश्तों के बीच की सबसे बड़ी बाधा है। इसी सनक में आकर आरोपी ने मासूम को रास्ते से हटाने की साजिश रची और उसकी गला घोंटकर जान ले ली।
वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी शहर छोड़कर भाग गया था। पुलिस की एक विशेष टीम लगातार उसकी लोकेशन ट्रैक कर रही थी, जिसके बाद आखिरकार 10 जून 2026 को पुलिस ने उसे घेराबंदी कर दबोच लिया। कड़ाई से पूछताछ करने पर आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है।
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