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रायगढ़ स्थित लखीराम अग्रवाल स्मृति शासकीय मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों ने एक बेहद जटिल और जोखिम भरी सर्जरी कर 46 वर्षीय महिला को नया जीवन दिया है। झलमला निवासी चंपा यादव के पेट से 8 किलोग्राम वजनी और करीब 24.2 x 23.1 x 17 सेंटीमीटर आकार का विशालकाय ट्यूमर (फाइब्रॉएड) सफलतापूर्वक बाहर निकाला गया, जो आकार में एक बड़े फुटबॉल के बराबर था। मरीज पिछले एक महीने से असहनीय पेट दर्द, सूजन और उल्टी से जूझ रही थीं। 22 अगस्त को जब उन्हें अस्पताल लाया गया, तब शरीर में हीमोग्लोबिन मात्र 7.5 g/dL था और जांच में पाया गया कि ट्यूमर के अत्यधिक दबाव से गर्भाशय अपनी जगह से खिसक चुका था, बाईं मूत्रवाहिनी (Ureter) दबने से किडनी प्रभावित हो रही थी और लिवर के पैरामीटर्स भी बिगड़ चुके थे।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए डॉक्टरों ने पहले मरीज को कई यूनिट ब्लड चढ़ाकर और दवाइयों के जरिए उनके वाइटल्स को स्थिर किया। इसके बाद 1 सितंबर को जनरल एनेस्थीसिया के तहत हाई-रिस्क सर्जरी (एक्सप्लोरेटरी लेपरोटॉमी) शुरू की गई। सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि ट्यूमर मरीज की आंतों से गहराई से चिपका हुआ था, जिसके चलते ऑपरेशन थिएटर में प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग के साथ जनरल सर्जरी और निश्चेतना (एनेस्थीसिया) विभाग की संयुक्त टीम को मोर्चा संभालना पड़ा।
डॉक्टरों ने उच्च सर्जिकल कौशल का परिचय देते हुए मूत्रवाहिनियों और आंतों को बिना कोई नुकसान पहुंचाए सुरक्षित अलग किया और गर्भाशय सहित भारी-भरकम ट्यूमर को बाहर निकाला। सफल ऑपरेशन के बाद महिला की हालत पूरी तरह स्थिर है और वे तेजी से स्वास्थ्य लाभ ले रही हैं।
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20 Feb 2023
20 Feb 2023