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छत्तीसगढ़ कांग्रेस के भीतर एक बार फिर बहुत बड़ा 'राजनीतिक धमाका' होने के आसार बन गए हैं। प्रदेश संगठन में अमूलचूल फेरबदल और नए प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) अध्यक्ष की कमान को लेकर पार्टी के भीतर अंदरूनी घमासान और सियासी हलचल चरम पर पहुंच गई है। दीपक बैज का कार्यकाल पूरा होने और आगामी चुनावगत रणनीतियों को साधने के लिए दिल्ली हाईकमान में बैठकों का दौर जारी है।
इसी बीच प्रदेश के आधा दर्जन से अधिक कद्दावर आदिवासी नेताओं ने अचानक दिल्ली में डेरा डाल दिया है, जिससे रायपुर से लेकर दिल्ली तक के राजनीतिक गलियारों में खलबली मच गई है। जानकारी के मुताबिक, इस बार कांग्रेस हाईकमान छत्तीसगढ़ में आदिवासी वोट बैंक पर अपनी पकड़ और मजबूत करने के लिए किसी बड़े आदिवासी चेहरे को ही कमान सौंपने के मूड में है, और इसी शक्ति-प्रदर्शन व लॉबिंग के खेल ने प्रदेश की राजनीति का पारा अचानक चढ़ा दिया है।
दिल्ली दरबार में हाजिरी लगाने और हाईकमान से लगातार मुलाकातों का दौर चलाने वालों में पूर्व केंद्रीय मंत्री अरविंद नेताम, पूर्व मंत्री अमरजीत भगत, कवासी लखमा, विधायक लखेश्वर बघेल और विधायक जनक ध्रुव जैसे दिग्गज नाम सबसे आगे बताए जा रहे हैं। आलाकमान केवल प्रदेश अध्यक्ष का चेहरा ही नहीं बदलने जा रहा, बल्कि प्रदेश कार्यकारिणी से लेकर कई अहम संगठनात्मक पदों पर व्यापक स्तर पर 'सर्जिकल स्ट्राइक' की तैयारी में है।
हालांकि, इस पूरे राजनीतिक घटनाक्रम और दावेदारी पर पार्टी का कोई भी नेता आधिकारिक तौर पर बयान देने से बच रहा है, लेकिन दिल्ली में आदिवासी नेताओं के इस रणनीतिक जमावड़े ने साफ कर दिया है कि छत्तीसगढ़ कांग्रेस में बहुत जल्द एक बड़ा संगठनात्मक बदलाव देखने को मिल सकता है, जिसकी पटकथा दिल्ली में लगभग लिखी जा चुकी है।
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20 Feb 2023
20 Feb 2023