Share this post with:
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के कारण वैश्विक तेल बाजार में एक बार फिर बड़ा उबाल आया है। ईरान द्वारा अपनी नौसैनिक नाकाबंदी फिर से लागू करने से दुनिया की 20 प्रतिशत तेल आपूर्ति करने वाले होर्मुज स्ट्रेट मार्ग पर खतरा मंडराने लगा है, जिसके चलते ब्रेंट क्रूड की कीमतें 2 प्रतिशत उछलकर 84.73 डॉलर प्रति बैरल के एक महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई हैं।
इस अंतरराष्ट्रीय संकट के बीच मोदी सरकार ने आज से ही नया टैक्स सिस्टम लागू करते हुए घरेलू मोर्चे को सुरक्षित करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने डीजल और विमान ईंधन (ATF) के निर्यात पर लगने वाले विन्डफॉल टैक्स में भारी बढ़ोतरी कर दी है, जबकि पेट्रोल के निर्यात पर इसे घटाया है।
अधिसूचना के अनुसार, डीजल पर निर्यात शुल्क 8.5 रुपये से बढ़ाकर 15.5 रुपये प्रति लीटर और एटीएफ पर 7.5 रुपये से बढ़ाकर 14.5 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है, वहीं पेट्रोल पर इसे 4 रुपये से घटाकर 2 रुपये प्रति लीटर किया गया है।
राहत की बात यह है कि इस फैसले का देश के आम उपभोक्ताओं पर कोई असर नहीं पड़ेगा और खुदरा बाजार में पेट्रोल-डीजल की कीमतें पूरी तरह स्थिर रहेंगी क्योंकि यह टैक्स केवल विदेशों में किए जाने वाले निर्यात पर लागू होता है।
दरअसल, वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित होने और रूस से कम निर्यात के कारण डीजल का रिफाइनिंग मार्जिन काफी बढ़ गया था, जिससे तेल कंपनियां विदेशी बाजारों में भारी मुनाफा कमा रही थीं। इससे पहले सरकार ने घरेलू बाजार में तेल की किल्लत और जमाखोरी रोकने के लिए औद्योगिक व कमर्शियल खरीदारों के खुदरा पेट्रोल पंपों से ईंधन खरीदने पर भी रोक लगा दी थी, क्योंकि थोक दर (134.50 रुपये) और खुदरा दर (95.20 रुपये) के बड़े अंतर के कारण थोक खरीदार रिटेल पंपों का रुख कर रहे थे।
आज की इस टैक्स व्यवस्था के बीच छत्तीसगढ़ में पेट्रोल 100.14 रुपये और डीजल 101.32 रुपये, मध्य प्रदेश में पेट्रोल 113.68 रुपये और डीजल 99.74 रुपये, महाराष्ट्र में पेट्रोल 111.21 रुपये और डीजल 97.83 रुपये तथा दिल्ली व उत्तर Pradesh में पेट्रोल 102.12 रुपये और डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर के भाव पर बना हुआ है।
Share this post with:
16 Jul 2026
16 Jul 2026
20 Feb 2023
20 Feb 2023