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कच्चे तेल के वैश्विक संकट के बीच केंद्र सरकार ने आम जनता और तेल कंपनियों को राहत देने के लिए बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर लगने वाली एक्साइज ड्यूटी में भारी कटौती कर दी है, जिससे ईंधन कीमतों में बढ़ोतरी पर लगाम लगने की उम्मीद है।
जानकारी के मुताबिक, पेट्रोल पर पहले 13 रुपए प्रति लीटर एक्साइज ड्यूटी लगती थी, जिसे अब घटाकर सिर्फ 3 रुपए प्रति लीटर कर दिया गया है। यानी सीधे 10 रुपए की कमी। वहीं, डीजल पर लगने वाली 10 रुपए प्रति लीटर एक्साइज ड्यूटी को पूरी तरह खत्म कर दिया गया है।
इस फैसले से तेल कंपनियों के मार्जिन में सुधार होने के साथ ही आम लोगों को भी राहत मिलने की संभावना है। सरकार का मकसद अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ती कीमतों का असर घरेलू बाजार पर कम करना है।
एक्साइज ड्यूटी एक अप्रत्यक्ष कर (इनडायरेक्ट टैक्स) है, जो किसी वस्तु के उत्पादन या निर्माण पर केंद्र सरकार द्वारा लगाया जाता है। भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में केंद्र की एक्साइज ड्यूटी के साथ-साथ राज्य सरकारों का वैट (VAT) भी शामिल होता है।
इधर, प्रधानमंत्री Narendra Modi 27 मार्च को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सभी मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक करेंगे। इस दौरान ईरान युद्ध के बाद बने वैश्विक हालात और उनके असर पर चर्चा होने की संभावना है। हालांकि चुनावी राज्यों के मुख्यमंत्री इस बैठक में शामिल नहीं होंगे।
प्रधानमंत्री ने 24 मार्च को राज्यसभा में कहा था कि अगर ईरान में जारी संघर्ष लंबा खिंचता है तो इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं। उन्होंने आगाह किया कि आने वाला समय कोरोना काल जैसी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियां ला सकता है, ऐसे में केंद्र और राज्यों को मिलकर काम करना होगा।
वहीं, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने देश में ईंधन की कमी की खबरों को सिरे से खारिज कर दिया है। मंत्रालय के अनुसार, भारत के पास पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त भंडार है, जो करीब 60 दिनों की जरूरतों को पूरा करने में सक्षम है।
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20 Feb 2023
20 Feb 2023