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बिलासपुर जिले के खोंगसरा-टेंगनमाड़ा मार्ग पर स्थित एक सूखा नाला में एक वृद्ध भालू का शव मिलने से हड़कंप मच गया है। ग्रामीणों का दावा है कि यह भालू पिछले कई दिनों से भोजन और पानी की तलाश में जंगल से बाहर निकलकर आसपास के गांवों और तेंदूपत्ता फड़ों के पास लगातार भटक रहा था। मंगलवार को भालू का शव मिलने के बाद वन विभाग ने मामले की जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि भालू काफी कमजोर और उम्रदराज हो चुका था, हालांकि मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा।
स्थानीय लोगों के अनुसार, भालू की शारीरिक स्थिति को देखकर पहले ही लग रहा था कि वह सामान्य हालत में नहीं है और उसे तत्काल रेस्क्यू या चिकित्सीय निगरानी की सख्त जरूरत थी। घटना स्थल पर मौजूद लोगों ने भालू के शरीर पर कुछ चोट जैसे निशान और एक पंजे के नाखून के पास क्षति जैसी स्थिति भी देखी है। हालांकि, यह अभी साफ नहीं हो पाया है कि ये निशान किसी आपसी संघर्ष के हैं, गिरने से बने हैं, पुरानी चोट के हैं या फिर मौत के बाद की स्थिति का हिस्सा हैं।
ग्रामीणों ने वन विभाग पर गंभीर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि भालू के लगातार आबादी वाले इलाके की ओर आने की जानकारी विभाग को पहले से थी, लेकिन समय रहते उसे रेस्क्यू करने के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया। ग्रामीणों का दावा है कि अगर जिम्मेदार अधिकारी समय पर कार्रवाई करते, तो शायद इस बेजुबान की जान बचाई जा सकती थी। हालांकि, वन विभाग ने इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है और उनका कहना है कि पूरे मामले की बारीकी से जांच की जा रही है।
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20 Feb 2023
20 Feb 2023