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छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के चौथे दिन सदन की कार्यवाही के दौरान सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच जबरदस्त सियासी घमासान देखने को मिला। प्रश्नकाल में सबसे ज्यादा गरमागरम बहस नवा रायपुर स्थित सेवाग्राम प्रोजेक्ट की वित्तीय और भौतिक प्रगति को लेकर हुई, जहां पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और भाजपा विधायक अजय चंद्राकर आपस में उलझ गए। दोनों नेताओं के बीच तीखी बहस इतनी बढ़ गई कि सदन का माहौल पूरी तरह गरमा गया।
हालांकि, बाद में स्थिति को संभालते हुए अजय चंद्राकर ने अपने तीखे शब्दों के लिए सदन में खेद जताया, जिस पर पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने बड़प्पन दिखाते हुए उन्हें धन्यवाद कहा। इस गर्मागर्मी से इतर, सत्र में ध्यानाकर्षण और प्रश्नकाल के दौरान अन्य विधायकों ने भी अपने-अपने क्षेत्रों के गंभीर मुद्दे उठाए, जिसमें विधायक आशाराम नेताम ने स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालयों में प्रतिनियुक्ति पर तैनात कर्मचारियों के वेतन भुगतान का मामला उठाया, तो वहीं विधायक राघवेंद्र सिंह ने 'ज्ञान भारतम् अभियान' के अंतर्गत छत्तीसगढ़ की प्राचीन पांडुलिपियों और ताम्रपत्रों के सत्यापन व संरक्षण से जुड़े कार्यों की प्रगति की जानकारी मांगी।
इससे पहले, सदन में कथित फर्जी ग्रामसभाओं के प्रस्तावों के आधार पर उद्योगों की स्थापना का एक बेहद संवेदनशील मामला गूंजा।
इस मुद्दे को पूर्व मुख्यमंत्री और पाटन विधायक भूपेश बघेल ने प्रमुखता से उठाते हुए सरकार से दोषियों पर की गई कार्रवाई का ब्यौरा मांगा। सवाल का जवाब देते हुए वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि इस पूरे मामले की पुलिस जांच चल रही है और रिपोर्ट आने के बाद नियमों के मुताबिक सख्त कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, मंत्री के इस जवाब से असंतुष्ट विपक्षी सदस्यों ने सदन में असंतोष जताते हुए वॉकआउट कर दिया। आज की कार्यवाही में इसके अलावा मछुआ नीति और समितियों में खाद आवंटन में हो रही गड़बड़ियों के पुराने मुद्दों पर भी जमकर सवाल-जवाब हुए, जिसने सत्र के चौथे दिन भी विपक्ष के हमलावर रुख को साफ तौर पर बयां कर दिया।
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16 Jul 2026
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20 Feb 2023
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