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छत्तीसगढ़ सरकार ने जनस्वास्थ्य की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रदेश में एनालॉग (नकली) पनीर की बिक्री पर पूरी तरह से रोक लगाने का बड़ा निर्णय लिया है। यह प्रतिबंध कल से पूरे राज्य में प्रभावी रूप से लागू हो जाएगा। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने इसकी घोषणा करते हुए स्पष्ट किया कि कल से प्रदेश में कहीं भी एनालॉग पनीर की बिक्री नहीं होगी और इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी किया जा रहा है।
सरकार का यह कड़ा रुख पिछले कुछ समय से प्रदेशभर में नकली व मिलावटी पनीर की बिक्री की आ रही लगातार शिकायतों के बाद सामने आया है। विपक्ष के हमलों और जनहित को देखते हुए खाद्य एवं स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने विभिन्न जिलों में व्यापक स्तर पर छापेमारी कर कई सैंपल जांच के लिए भेजे थे, जिसके बाद यह महत्वपूर्ण फैसला लिया गया।
क्या होता है एनालॉग पनीर?
एनालॉग पनीर पारंपरिक रूप से दूध से तैयार नहीं किया जाता। इसे मुख्य रूप से पाम ऑयल (वनस्पति तेल), स्टार्च और अन्य रसायनों या खाद्य सामग्रियों को मिलाकर तैयार किया जाता है। हालांकि यह दिखने, छूने और स्वाद में सामान्य पनीर जैसा ही लगता है, लेकिन इसके पोषक तत्व असली पनीर से बिल्कुल अलग और स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकते हैं।
राज्य सरकार का कहना है कि कल से लागू हो रहे इस प्रतिबंध का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों को शुद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराना और राज्य में खाद्य सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करना है।
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20 Feb 2023
20 Feb 2023