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छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन आज सदन में गहरा शोक व्याप्त रहा. विश्वविख्यात पंडवानी गायिका और देश के दूसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान से नवाजी गईं पद्म विभूषण डॉ. तीजन बाई के निधन पर पूरे सदन ने एक सुर में शोक व्यक्त करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की. शोक प्रस्ताव (निधन उल्लेख) पर वक्तव्य देते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि डॉ. तीजन बाई के जाने से छत्तीसगढ़ ने अपनी लोकसंस्कृति का एक अनमोल रत्न खो दिया है, जिसकी भरपाई कला और सांस्कृतिक जगत में कभी नहीं की जा सकती. मुख्यमंत्री के साथ ही सदन के तमाम प्रमुख नेताओं ने उनके योगदान को याद किया, जिसके बाद दिवंगत आत्मा के सम्मान में सभी सदस्यों ने मौन धारण किया और सदन की कार्यवाही को 5 मिनट के लिए स्थगित कर दिया गया.
निधन उल्लेख पर अपना वक्तव्य रखते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि डॉ. तीजन बाई ने पंडवानी गायन की कापालिक शैली को वैश्विक मंच पर एक नई ऊंचाई दी. जिस दौर में महिलाओं का इस विधा में आना कठिन था, उन्होंने सामाजिक रूढ़ियों को तोड़कर अपनी अलग पहचान बनाई. वे पद्मश्री, पद्मभूषण और वर्ष 2019 में पद्म विभूषण से अलंकृत होने वाली छत्तीसगढ़ की एकमात्र विभूति हैं. मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु द्वारा जताए गए शोक का जिक्र करते हुए कहा कि उनका संघर्ष और कला साधना आने वाली पीढ़ियों के लिए हमेशा प्रेरणा का स्रोत बनी रहेगी.
सदन में शोक की इस घड़ी में सभी नेताओं ने डॉ. तीजन बाई के प्रति अपना आदर प्रकट किया. नेता प्रतिपक्ष ने अपने वक्तव्य में उनके अद्वितीय योगदान को रेखांकित किया, तो वहीं भूपेश बघेल ने भी तीजन बाई की कला साधना और छत्तीसगढ़ी संस्कृति को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने वाले उनके प्रयासों का विशेष रूप से स्मरण किया. कैबिनेट मंत्रियों में शामिल श्री राजेश अग्रवाल, श्री गजेंद्र यादव और श्री केदार कश्यप ने भी निधन उल्लेख पर अपनी बात रखते हुए इसे राज्य के लिए एक अपूरणीय क्षति बताया.
श्रद्धांजलि देने का यह सिलसिला सदन में लगातार चलता रहा, जिसमें श्री किरण सिंह देव और विधायक श्री अनुज शर्मा, श्री डोमन लाल कोर्सेवाड़ा व श्री रिकेश सेन ने भी वक्तव्य रखकर पंडवानी के प्रति उनके समर्पण को नमन किया. वहीं श्रीमती अनिला भेंडिया और विधायक श्री कुंवर सिंह निषाद ने डॉ. तीजन बाई के ओजपूर्ण गायन, अभिनय के अद्भुत समन्वय और महिलाओं के लिए उनके मार्गदर्शक स्वरूप को याद कर अपनी श्रद्धांजलि दी.
सभी सदस्यों के वक्तव्य पूरे होने के बाद पूरे सदन ने कुछ देर मौन खड़े रहकर पुण्यात्मा की शांति के लिए प्रार्थना की, जिसके बाद भारी मन से सदन की कार्यवाही को 5 मिनट के लिए रोक दिया गया.
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