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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में बुधवार (5 अगस्त) को मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट बैठक में राज्य के विकास और डिजिटलाइजेशन को लेकर कई ऐतिहासिक फैसले लिए गए। साय सरकार ने प्रदेश में तकनीक, इंफ्रास्ट्रक्चर और पारदर्शी वित्तीय व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 7 प्रमुख प्रस्तावों पर अपनी मुहर लगा दी है। इनमें सबसे बड़ा फैसला छत्तीसगढ़ राज्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) मिशन की शुरुआत है, जिसके तहत अगले 5 वर्षों में ₹500 करोड़ खर्च किए जाएंगे।
कैबिनेट में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णयों में भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड (BEML) को हैवी अर्थ मूविंग इक्वीपमेंट विनिर्माण संयंत्र स्थापित करने के लिए रियायती दर पर भूमि आवंटन शामिल है। यह राज्य का पहला भारी मशीन निर्माण संयंत्र होगा। इसके अलावा, वित्तीय पारदर्शिता के लिए राज्य योजनाओं में S-SNA मॉडल लागू करने, एशियन डेवलपमेंट बैंक (ADB) से 'छत्तीसगढ़ अंजोर विजन 2047' के लिए ₹15 करोड़ का 100% अनुदान प्राप्त करने और बिजली कंपनी (CSPGCL) को ₹200 करोड़ के नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर (NCD) जारी करने की मंजूरी दी गई है।
लोक निर्माण विभाग (PWD) में निर्माण कार्यों की रियल-टाइम डिजिटल ट्रैकिंग और भुगतान के लिए C-DAC द्वारा विकसित WAMIS प्रणाली लागू की जाएगी। वहीं, मुख्यमंत्री ग्राम सड़क एवं विकास योजना के नियमों में ढील देते हुए ग्रामीण आंतरिक गलियों में सीसी सड़क के लिए मनरेगा से मिट्टी कार्य की अनिवार्यता खत्म कर दी गई है और अब इसमें उन सभी ग्रामीण मार्गों को शामिल किया जाएगा जो PMGSY के तहत नहीं आते हैं।
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