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छत्तीसगढ़ की सुरक्षा व्यवस्था को तकनीकी रूप से अपग्रेड करने के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राजधानी रायपुर में ‘अत्याधुनिक डायल 112’ और आधुनिक फॉरेंसिक मोबाइल वैन के बेड़े को हरी झंडी दिखाई। इस मौके पर सीएम विष्णु देव साय और डिप्टी सीएम विजय शर्मा भी मौजूद रहे।
साल 2018 से केवल 16 जिलों में चल रही डायल 112 आपातकालीन सेवा का दायरा अब राज्य के सभी 33 जिलों में बढ़ा दिया गया है। नई व्यवस्था में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक जोड़ी गई है, जिसकी मदद से संकट में फंसे व्यक्ति की सटीक लोकेशन तुरंत मिल जाएगी।
आपातकालीन डेटा को बिना किसी बाधा के सुरक्षित रखने के लिए सिविल लाइंस के अलावा नया रायपुर पुलिस मुख्यालय में दूसरा वैकल्पिक कंट्रोल रूम (बैकअप सेंटर) भी शुरू किया गया है। अब नागरिक सिर्फ कॉल ही नहीं, बल्कि '112 इंडिया ऐप', एसएमएस, ईमेल, पैनिक बटन और सोशल मीडिया के जरिए भी मदद मांग सकेंगे। इस इंटीग्रेटेड प्लेटफॉर्म पर पुलिस, एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड और महिला हेल्पलाइन की सुविधाएं एक साथ मिलेंगी।
सुरक्षा और गश्त को मजबूत करने के लिए गृह मंत्री ने कुल 493 नए वाहनों के काफिले को रवाना किया। इनमें 400 नए अत्याधुनिक आपातकालीन वाहन (डायल 112), 33 विशेष निगरानी वाहन और 60 नए हाईवे पेट्रोलिंग वाहन शामिल हैं।
इसके साथ ही, नए आपराधिक कानूनों (विशेषकर BNSS की धारा 176) के तहत 7 साल या उससे अधिक की सजा वाले सभी गंभीर अपराधों में फॉरेंसिक जांच को अनिवार्य किया गया है। इसे प्रभावी बनाने के लिए राज्य के सभी जिलों के लिए 32 चलती-फिरती फॉरेंसिक लैब (मोबाइल वैन) मैदान में उतारी गई हैं। इन वैन में ब्लड सैंपल टेस्ट किट, डिजिटल साक्ष्य जुटाने के टूल, सीसीटीवी फुटेज निकालने का सिस्टम, इनबिल्ट GPS, लैपटॉप और जनरेटर लगे हैं। रात के अंधेरे में भी पुख्ता सबूत जुटाने के लिए इनमें विशेष नाइट विजन कैमरे लगाए गए हैं, ताकि घटना स्थल पर ही शुरुआती वैज्ञानिक जांच की जा सके और साक्ष्य नष्ट होने से बचाए जा सकें।
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20 Feb 2023
20 Feb 2023