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छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य की वित्तीय व्यवस्था को पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त बनाने के लिए एक बड़ा और ऐतिहासिक कदम उठाया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में राज्य प्रायोजित योजनाओं के लिए स्टेट सिंगल नोडल एजेंसी (S-SNA) मॉडल लागू करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है।
यह व्यवस्था केंद्र सरकार की SNA प्रणाली की तर्ज पर बनाई गई है। अब तक सरकारी योजनाओं का बजट अलग-अलग विभागों और बैंकों के खातों में महीनों तक बिना इस्तेमाल के पड़ा रहता था, जिससे न केवल काम में देरी होती थी बल्कि बैंकिंग धोखाधड़ी और ब्याज के अनचाहे बोझ का खतरा भी बना रहता था।
नई S-SNA व्यवस्था लागू होने के बाद अब सारा बजट एक ही 'केंद्रीकृत मदर अकाउंट' में रहेगा और जैसे ही जरूरत होगी, सीधे लाभार्थी के बैंक खाते या वेंडर को भुगतान कर दिया जाएगा।
इस फैसले से छत्तीसगढ़ की आम जनता और सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को सीधा और बड़ा फायदा मिलने वाला है। अब योजनाओं का पैसा बीच में किसी बैंक खाते में अटकेगा नहीं, जिससे पेंशन, स्कॉलरशिप, किसान सम्मान और आवास योजना जैसी जनकल्याणकारी योजनाओं की राशि सीधे और समय पर लोगों तक पहुंचेगी।
इसके अलावा, रियल-टाइम निगरानी की सुविधा होने से फर्जीवाड़े और बजट की हेराफेरी की गुंजाइश पूरी तरह खत्म हो जाएगी। राज्य सरकार का पैसा बैंकों में बेकार पड़े रहने के बजाय सीधे विकास कार्यों में लगेगा, जिससे सरकार पर अतिरिक्त ब्याज का बोझ कम होगा और टैक्सपेयर्स के पैसों का सही और अधिकतम उपयोग सुनिश्चित हो सकेगा। कुल मिलाकर, S-SNA मॉडल से प्रदेश में सुशासन, वित्तीय अनुशासन और त्वरित सरकारी सेवाओं का नया दौर शुरू होगा।
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