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असम में सत्ता की सियासत एक बार फिर करवट लेती दिख रही है। वोटों की गिनती जारी है और शुरुआती रुझान साफ इशारा कर रहे हैं कि मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा की अगुवाई में बीजेपी खेमे की वापसी की राह मजबूत है।
9 अप्रैल को हुए मतदान में प्रदेश के 126 विधानसभा क्षेत्रों में 722 उम्मीदवारों की किस्मत EVM में कैद हुई थी। करीब 2.50 करोड़ मतदाताओं में से 85.96 फीसदी ने अपने वोट का इस्तेमाल कर रिकॉर्ड भागीदारी दर्ज की। आज सुबह 8 बजे कड़ी सुरक्षा के बीच राज्य के 35 जिलों में बनाए गए 40 मतगणना केंद्रों पर EVM खोली गईं और रुझानों का सिलसिला शुरू हुआ।
चुनावी मुकाबला इस बार गठबंधनों के बीच सीधा था। बीजेपी ने AGP और UPPL के साथ मैदान संभाला, तो कांग्रेस ने AIUDF समेत सहयोगी दलों के साथ तालमेल बिठाया। प्रचार के दौरान बांग्लादेशी घुसपैठ, NRC-CAA, बाढ़, बेरोजगारी, चाय बागान मजदूरों की स्थिति और विकास जैसे मुद्दे केंद्र में रहे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी समेत दिग्गज नेताओं ने ताबड़तोड़ रैलियों से चुनावी माहौल को गरमाए रखा।
भारी मतदान के बाद सत्ता और विपक्ष—दोनों ने अपने-अपने पक्ष में माहौल होने का दावा किया था। एग्जिट पोल में NDA को बढ़त के संकेत जरूर मिले, लेकिन कई सीटों पर कांटे की टक्कर ने सस्पेंस बरकरार रखा है। अब निगाहें अंतिम नतीजों पर हैं, जो तय करेंगे कि असम की सत्ता पर अगली मुहर किसकी लगेगी।
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20 Feb 2023
20 Feb 2023