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बस्तर के लिए सीएम का संदेश- माओवाद से मुक्त बस्तर अब विकास और विश्वास के स्वर्णिम दौर में, गिनाई उपलब्धियां...

15 Aug 2026  

बस्तर के लिए सीएम का संदेश- माओवाद से मुक्त बस्तर अब विकास और विश्वास के स्वर्णिम दौर में, गिनाई उपलब्धियां...

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छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने स्वतंत्रता दिवस पर राजधानी रायपुर के पुलिस परेड ग्राउंड से बस्तर के नवनिर्माण और समग्र विकास का पूरा रोडमैप प्रस्तुत किया। सीएम साय ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के साझा प्रयासों से बस्तर अब माओवाद के खौफ से पूरी तरह मुक्त होकर शांति, विश्वास और खुशहाली के नए दौर में प्रवेश कर चुका है। जिन अंदरूनी इलाकों में कभी हिंसा और दहशत का पहरा था, वहां आज स्वतंत्रता का उल्लास और तिरंगा यात्राएं दिखाई दे रही हैं।

 

 जगदलपुर में आयोजित राष्ट्रीय स्तर की मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि बस्तर अब पिछड़ेपन के ठप्पे को पीछे छोड़कर विकास की मुख्यधारा में मजबूती से कदम बढ़ा चुका है।


बस्तर के सुदूर क्षेत्रों तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचाने के लिए सरकार की रणनीति साझा करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि 'नियद नेल्ला नार 2.0' और 'बस्तर मुन्ने अभियान' के जरिए संभाग के 39 लाख से अधिक नागरिकों तक 31 प्रमुख सरकारी योजनाओं और 14 सामुदायिक सुविधाओं की शत-प्रतिशत पहुंच सुनिश्चित की जा रही है।

 

 संवेदनशील इलाकों में स्थापित सुरक्षा कैंप अब सेवा और विकास के केंद्र बन चुके हैं, जहां 'सेवा डेरा' के माध्यम से युवाओं को कौशल विकास और नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इसके साथ ही करीब 10 लाख ग्रामीण परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए 4,824 करोड़ रुपए की 'आजीविका उन्नयन योजना' लागू की गई है, जबकि 'मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान' के तहत अब तक 34 लाख से ज्यादा लोगों की स्वास्थ्य जांच कर उनका डिजिटल हेल्थ प्रोफाइल तैयार किया जा चुका है।


शिक्षा, अधोसंरचना और पर्यटन के मोर्चे पर बड़े बदलावों की जानकारी देते हुए सीएम ने कहा कि नक्सल हिंसा के दौर में बंद हुए स्कूलों को फिर से खोलने के साथ ही 36 नए स्कूल स्वीकृत किए गए हैं तथा ओरछा और जगरगुंडा जैसे घोर नक्सल प्रभावित रहे इलाकों में आधुनिक 'एजुकेशन सिटी' बनाई जा रही है। 

 

अंदरूनी इलाकों को जोड़ने के लिए सौर ऊर्जा आधारित 461 गांवों को सीधे पावर ग्रिड से जोड़ने, 234 बसाहटों को पक्की सड़कों से जोड़ने और रावघाट-जगदलपुर रेल नेटवर्क के काम को तेज गति दी जा रही है। इंद्रावती नदी पर लगभग 2,000 करोड़ रुपए की लागत से मटनार और देउरगांव बैराज का निर्माण होगा, जिससे 32 हजार हेक्टेयर में सिंचाई सुविधा मिलेगी। वहीं, 'मुख्यमंत्री पर्यटन मिशन' के तहत विश्व प्रसिद्ध चित्रकोट जलप्रपात को अंतरराष्ट्रीय स्तर का टूरिस्ट डेस्टिनेशन बनाने के लिए टेंट सिटी का निर्माण और बस्तर ओलंपिक जैसे आयोजनों से स्थानीय खेल प्रतिभाओं को राष्ट्रीय पहचान दिलाई जा रही है।
 

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