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आज साय सरकार के खिलाफ कांग्रेस का अविश्वास प्रस्ताव; 24 साल में 10वीं बार सदन में होगी आर-पार की जंग, संख्या बल में भाजपा भारी

17 Jul 2026  

आज साय सरकार के खिलाफ कांग्रेस का अविश्वास प्रस्ताव; 24 साल में 10वीं बार सदन में होगी आर-पार की जंग, संख्या बल में भाजपा भारी

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छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के अंतिम दिन आज यानी शुक्रवार को भारी हंगामे के आसार हैं। प्रदेश की साय सरकार के खिलाफ कांग्रेस द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर आज सदन में तीखी चर्चा होगी। नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत आज सदन में यह प्रस्ताव पेश करेंगे, जिसके बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जोरदार बहस छिड़ेगी। छत्तीसगढ़ राज्य गठन के बाद पिछले 24 सालों के इतिहास में यह किसी भी सरकार के खिलाफ लाया गया 10वां अविश्वास प्रस्ताव है। 

 

इससे पहले विधानसभा में 9 बार अविश्वास प्रस्ताव आ चुके हैं, लेकिन अब तक कोई भी सरकार नहीं गिरी है। संसदीय इतिहास की बात करें तो साल 2015 में तत्कालीन डॉ. रमन सिंह सरकार के खिलाफ आया अविश्वास प्रस्ताव सबसे ऐतिहासिक रहा था, जिस पर सदन में रिकॉर्ड 24 घंटे 25 मिनट तक सबसे लंबी बहस चली थी।


विपक्ष के लिए इस प्रस्ताव का मकसद सिर्फ सरकार गिराना नहीं, बल्कि बहस के बहाने सरकार के अब तक के कार्यकाल और उसकी विफलताओं पर चौतरफा सवाल उठाना है। कांग्रेस इस बार नकटी गांव में हुई बुलडोजर कार्रवाई, प्रदेश की कानून-व्यवस्था, किसानों की बदहाली, बेरोजगारी, कथित भ्रष्टाचार और प्रशासनिक खामियों को लेकर सरकार को पूरी तरह से घेरने के मूड में है। 

 

वहीं, दूसरी तरफ सत्ता पक्ष यानी भाजपा अपनी कल्याणकारी योजनाओं, विकास कार्यों और प्रशासनिक उपलब्धियों का मजबूती से पक्ष रखते हुए विपक्ष के हर आरोप का करारा जवाब देगी। चर्चा के बाद यदि मत विभाजन की नौबत आती है तो मतदान कराया जाएगा, अन्यथा फैसला ध्वनिमत से होगा। 

 

हालांकि, 90 सदस्यीय विधानसभा में इस वक्त भाजपा के पास 54 और कांग्रेस के पास 35 विधायक हैं, जबकि एक सीट गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के पास है। साफ है कि संख्या बल के गणित में साय सरकार पूरी तरह सुरक्षित है, जिससे इस अविश्वास प्रस्ताव का केवल राजनीतिक और रणनीतिक महत्व ही ज्यादा नजर आ रहा है।
 

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