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छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) की भर्ती परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और चयन में बड़े पैमाने पर हुई अनियमितताओं की जांच में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शिकंजा कस दिया है। केंद्रीय जांच एजेंसी ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के तत्कालीन ओएसडी (OSD) रहे और वर्तमान में अपर कलेक्टर चेतन बोरघरिया को बलरामपुर से गिरफ्तार कर रिमांड पर ले लिया है।
जांच के दौरान जांच एजेंसी को 3.2 करोड़ रुपये के संदिग्ध लेन-देन से जुड़ी अहम चैट डिटेल्स मिली हैं, जिसके आधार पर बोरघरिया से तीखी पूछताछ की जा रही है। जांच में सामने आया है कि परीक्षा का पर्चा उपलब्ध कराने और चयन सुनिश्चित कराने के एवज में अभ्यर्थियों से मोटी रकम वसूली गई थी।
इस मामले में विकास चंद्राकर और उत्कर्ष चंद्राकर के जरिए बोरघरिया तक कथित तौर पर रकम पहुंचाने वाले अभ्यर्थियों सहित करीब 12 संदेहियों को ईडी ने तलब कर उनके बयान दर्ज करना शुरू कर दिया है। अब जांच एजेंसी यह कड़ियां जोड़ने में जुटी है कि 3.2 करोड़ की इस काली कमाई में से कितनी रकम सीधे बोरघरिया तक पहुंची और आगे किन प्रभावशाली रसूखदारों व सिंडिकेट के बीच इसका बंदरबांट किया गया।
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