Share this post with:
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज इलाके में स्थित एक कोचिंग सेंटर की बिल्डिंग में सोमवार दोपहर भीषण आग लग गई। इस दर्दनाक हादसे में अब तक 15 बच्चों की मौत हो चुकी है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना पर गहरा दुख जताते हुए उच्च-स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं और मामले की जांच के लिए दो सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है, जिसे 7 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपनी होगी।
दोषियों पर कड़ा एक्शन: अफसर सस्पेंड, आरोपी गिरफ्तार
अग्निकांड को लेकर मुख्यमंत्री की नाराजगी के बाद प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया है। सरकार के निर्देश पर लापरवाही बरतने वाले 4 अधिकारियों (एक्सईएन कलेक्शन गौरव कुमार, एफएसएसओ कमलेन्द्र कुमार सिंह, एई अनिल कुमार और प्रमोद पांडे) को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है। वहीं, पुलिस ने इस मामले में रामकृष्ण उपाध्याय, वीरेंद्र प्रसाद शुक्ला, तूशॉक कृष्णा जायसवाल और सुरेश कुमार समेत 4 नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
2016 में ही मिल चुका था बिल्डिंग गिराने का आदेश
हादसे को लेकर एक चौंकाने वाला खुलासा भी सामने आया है। यूपी सरकार के मुताबिक, जिस कमर्शियल बिल्डिंग में यह कोचिंग सेंटर चल रहा था, वह पूरी तरह अवैध थी और उसे ध्वस्त करने का आदेश साल 2016 में ही दे दिया गया था, लेकिन दो महीने बाद इस आदेश को रद्द कर दिया गया था। हादसे के बाद देर रात लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) ने बिल्डिंग पर दोबारा ध्वस्तीकरण का नोटिस चस्पा कर दिया है।
पीड़ितों को आर्थिक मदद का ऐलान
किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) के प्रशासन के मुताबिक, अस्पताल लाए गए घायलों में से अधिकांश को छुट्टी दे दी गई है, जबकि दो घायल अभी उपचाराधीन हैं और खतरे से बाहर हैं। मृतकों में पश्चिम बंगाल की रहने वाली छात्रा अनामिका भी शामिल है। हादसे के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मृतकों के आश्रितों को 5-5 लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक मदद की घोषणा की है।
वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस हादसे पर दुख व्यक्त करते हुए पीएम राष्ट्रीय राहत कोष से मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख और घायलों को 50-50 हजार रुपये देने का ऐलान किया है। मौके पर पहुंची फोरेंसिक (FSL) और एसआईटी की टीमें सभी पहलुओं की गहराई से जांच कर रही हैं।
Share this post with:
20 Feb 2023
20 Feb 2023