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छत्तीसगढ़ के चर्चित शराब घोटाले की जांच की आंच एक बार फिर तेज हो गई है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने प्रदेश के तीन प्रमुख शहरों—बिलासपुर, दुर्ग और भिलाई में ताबड़तोड़ छापेमारी की। सबसे बड़ी कार्रवाई बिलासपुर में हुई, जहां सोने और हीरों की बरामदगी ने सबको चौंका दिया है।
बिलासपुर में ED की टीम ने फरार आरोपी विकास अग्रवाल के भाई विवेक अग्रवाल के ठिकानों पर दबिश दी। गुरुवार तड़के शुरू हुई यह कार्रवाई देर रात तक जारी रही। सूत्रों के मुताबिक, टीम ने यहां से 17 किलो सोना, हीरों के हार और भारी मात्रा में कैश जब्त किया है। इसके साथ ही करोड़ों की संपत्ति के दस्तावेज भी खंगाले गए हैं। हालांकि, ED ने अभी इस बरामदगी की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है, लेकिन यह कार्रवाई शहर में चर्चा का विषय बनी हुई है।
दुर्ग में भी ED की टीम ने 'अमर इंफ्रा' के संचालक और भाजपा नेता चतुर्भुज राठी के निवास व दफ्तर पर छापा मारा। यहां उनकी आधा दर्जन फर्मों के वित्तीय रिकॉर्ड और निवेश से जुड़े दस्तावेजों की गहन जांच की गई। वहीं, भिलाई में गोविंद मंडल के घर और फैक्ट्री में भी टीम ने पहुंचकर घंटों पड़ताल की।
हालांकि, इस कार्रवाई के बाद गोविंद मंडल का एक अजीब बयान सामने आया; उनका दावा है कि टीम गलती से उनके यहां पहुंच गई थी, जबकि उन्हें कहीं और जाना था। शराब घोटाले की इस ताजा कार्रवाई ने प्रदेश के सियासी और व्यापारिक गलियारों में हड़कंप मचा दिया है। माना जा रहा है कि इन छापों में मिले दस्तावेजों से आने वाले दिनों में कुछ और बड़े चेहरों पर शिकंजा कस सकता है।
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20 Feb 2023
20 Feb 2023