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रेलवे नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ सरकार ने सख्ती बढ़ाते हुए जुर्माने की राशि में भारी बढ़ोतरी की है. जन विश्वास (संशोधन प्रावधान) अधिनियम, 2026 के तहत रेलवे अधिनियम, 1989 की धारा 137 और 138 में महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं. नए नियमों के अनुसार, अब नियम तोड़ने वालों पर सीधे मुकदमा दर्ज नहीं होगा, बल्कि पहले पेनल्टी लगाई जाएगी. यदि तय पेनल्टी नहीं भरी जाती है, तभी मामला कोर्ट में जाएगा.
इस संशोधन के बाद रेलवे अपराधों के लिए न्यूनतम जुर्माना ₹250 से बढ़ाकर सीधे ₹500 कर दिया गया है. अब यदि कोई भी यात्री बिना टिकट, बिना वैध पास या तय दूरी से आगे यात्रा करते हुए पकड़ा जाता है, तो उसे दोगुना न्यूनतम जुर्माना देना होगा. रेलवे अधिनियम की धारा 137 (जानबूझकर बिना टिकट यात्रा) के तहत जहां न्यूनतम जुर्माना ₹500 हो गया है, वहीं अधिकतम 6 महीने की जेल या ₹1,000 का जुर्माना अथवा दोनों की सजा का प्रावधान यथावत रहेगा. इसी तरह धारा 138 के तहत भी बिना वैध टिकट या अधिक दूरी की यात्रा पर अब न्यूनतम अतिरिक्त शुल्क ₹500 वसूला जाएगा, हालांकि वास्तविक दूरी का किराया पहले की तरह ही देय होगा.
इसके अलावा, रेलवे परिसर या ट्रेन में खतरनाक व आपत्तिजनक सामान ले जाने पर अब कम से कम ₹10,000 का भारी-भरकम जुर्माना लगाया जाएगा और गंभीर मामलों में जेल भी हो सकती है. वहीं, किसी दूसरे व्यक्ति के नाम पर ट्रांसफर किए गए टिकट से यात्रा करने पर टिकट को जब्त कर लिया जाएगा और यात्री से पूरे किराए के साथ ₹500 का अतिरिक्त शुल्क भी वसूला जाएगा.
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20 Jun 2026
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20 Feb 2023
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