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पढ़िए कांग्रेस नेता के घर घुसकर ताबड़तोड़ फायरिंग की Inside Story: 3:30 बजे… दरवाजा खुला और गोलियों की गूंज से दहल उठा घर...

24 Apr 2026  

पढ़िए कांग्रेस नेता के घर घुसकर ताबड़तोड़ फायरिंग की Inside Story: 3:30 बजे… दरवाजा खुला और गोलियों की गूंज से दहल उठा घर...

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जांजगीर-चांपा के करही गांव में गुरुवार रात जो हुआ, वो महज लूट नहीं बल्कि एक सोची-समझी, टारगेटेड वारदात थी। तड़के करीब 3:30 बजे तीन नकाबपोश हमलावर बिना किसी शोर-शराबे के घर में दाखिल हुए। जिस तरह वे सीधे अंदर पहुंचे, उससे साफ संकेत मिलता है कि उन्हें घर की बनावट और अंदर के कमरों की पूरी जानकारी थी।


घर में घुसते ही उनका पहला कदम माता-पिता को अलग करना था। दोनों को जबरन एक कमरे में बंद कर दिया गया ताकि कोई विरोध न हो सके और न ही बाहर से मदद बुलाई जा सके। इसके बाद हमलावर सीधे उस कमरे की ओर बढ़े जहां आयुष (19), आशुतोष (16) और उनकी बहन प्रेरणा सो रहे थे।


कमरे में पहुंचते ही बदमाशों ने बिना किसी चेतावनी या बातचीत के ट्रिगर दबा दिया। गोलियों की आवाज से पूरा घर कांप उठा। आयुष कश्यप के सिर और सीने में गोलियां मारी गईं, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। छोटा भाई आशुतोष भी गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गया और जिंदगी के लिए संघर्ष कर रहा है।
फायरिंग का तरीका देखकर यह हमला बिल्कुल भी रैंडम नहीं लगता। निशाना बेहद सटीक था, जिससे यह शक गहराता है कि असली टारगेट आयुष ही था। वारदात को अंजाम देने के बाद बदमाशों ने जल्दबाजी में घर की तलाशी ली और 50-60 हजार रुपये नकद और एक iPhone लेकर फरार हो गए।


पूरी घटना कुछ ही मिनटों में खत्म हो गई। जब तक माता-पिता किसी तरह कमरे से बाहर निकले, तब तक सब कुछ उजड़ चुका था—एक बेटे की लाश सामने थी और दूसरा जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा था।


अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या यह सिर्फ लूट की वारदात थी या फिर किसी पुरानी रंजिश का नतीजा। जिस तरह से सीधे बच्चों के कमरे को निशाना बनाया गया और बिना देरी के फायरिंग की गई, उससे साफ है कि यह हमला अचानक नहीं बल्कि पूरी प्लानिंग के साथ किया गया था।
 

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