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सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के आंदोलन से जुड़े मामलों में दर्ज सभी प्राथमिकियों (FIR) को रद्द कर दिया है। शीर्ष अदालत ने इस राहत के लिए संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत मिली अपनी विशेषाधिकार शक्तियों का प्रयोग किया। कोर्ट के इस आदेश से आंदोलन में शामिल आम प्रदर्शनकारियों को बड़ी राहत मिली है।
हालांकि, केंद्र सरकार की ओर से अदालत को अवगत कराया गया कि विरोध प्रदर्शन के दौरान आपराधिक पृष्ठभूमि (क्रिमिनल रिकॉर्ड) वाले करीब 2,873 लोग मौके पर पहुंचे थे। सरकार ने स्पष्ट किया कि इन तत्वों में से जिन लोगों ने आंदोलन के दौरान किसी भी प्रकार की मारपीट, हिंसा या सार्वजनिक व निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया है, उनके खिलाफ आपराधिक मामले यथावत चलते रहेंगे और उन्हें इस राहत के दायरे से बाहर रखा जाएगा।
सुनवाई से पहले ही कॉकरोच जनता पार्टी ने आगामी 5 सितंबर को प्रस्तावित अपना विरोध मार्च वापस लेने की घोषणा कर दी थी। सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत में आश्वस्त किया कि छात्रों के विरोध प्रदर्शन के बाद CJP नेताओं के साथ जिन तीन प्रमुख बिंदुओं पर सहमति बनी थी, सरकार उन तीनों वादों को पूरा करने के लिए पूरी तरह वचनबद्ध है।
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20 Feb 2023
20 Feb 2023