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छत्तीसगढ़ में नागरिकों को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग ने बिना वैध अनुज्ञा (लाइसेंस) के चिकित्सा कार्य करने वाले झोलाछाप डॉक्टरों और अवैध रूप से संचालित क्लीनिकों के खिलाफ निगरानी व कार्रवाई का अभियान तेज कर दिया है।
प्रदेश के ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में ऐसे चिकित्सा प्रतिष्ठानों का सघन निरीक्षण किया जा रहा है तथा शिकायत मिलते ही संबंधित संचालकों के विरुद्ध कानूनी प्रावधानों के तहत सख्त कदम उठाए जा रहे हैं।
इसी कड़ी में रायगढ़ जिले में स्वास्थ्य विभाग की विशेष टीमों द्वारा अवैध क्लीनिकों और अपंजीकृत प्रैक्टिसनरों की लगातार जांच की जा रही है। निरीक्षण के दौरान डॉक्टरों की डिग्री, क्लीनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट के तहत आवश्यक पंजीयन, बायोमेडिकल वेस्ट निस्तारण और दवाओं के भंडारण से संबंधित वैध दस्तावेजों की पड़ताल की जा रही है।
स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि बिना उचित शैक्षणिक योग्यता और वैध अनुमति के एलोपैथिक उपचार, इंजेक्शन लगाने या शल्य चिकित्सा (सर्जरी) करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
स्वास्थ्य विभाग ने आम नागरिकों से भी सजग रहने की अपील की है। विभाग ने आग्रह किया है कि किसी भी बीमारी या स्वास्थ्य समस्या की स्थिति में झोलाछाप अथवा अपंजीकृत व्यक्तियों के पास जाने के बजाय अपने निकटतम शासकीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC), सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC), जिला अस्पताल अथवा अधिकृत व पंजीकृत चिकित्सकों से ही परामर्श लें, ताकि सही समय पर सटीक जांच और सुरक्षित उपचार मिल सके।
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20 Feb 2023
20 Feb 2023