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रायपुर तहसील कार्यालय में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई जब राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा औचक निरीक्षण पर पहुंच गए। यहां एक महिला फरियादी की शिकायत सुनकर मंत्री का पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया।
महिला ने रोते हुए बताया कि वह पिछले एक महीने से अपनी रजिस्ट्री की कॉपी में सुधार के लिए दर-दर भटक रही है, क्योंकि ऑनलाइन रिकॉर्ड में उसका घर किसी और के नाम पर दर्ज हो गया है।
बीमार ससुर की जिम्मेदारी संभालने के साथ ही दफ्तर के चक्कर काट रही महिला ने जब बताया कि उसे केवल तारीखें दी जा रही हैं, तो मंत्री ने वहां मौजूद अधिकारियों को खरी-खोटी सुनाते हुए कहा कि जनता की सेवा के लिए कुर्सियां मिली हैं, इन्हें तोड़ने के लिए नहीं।
मंत्री ने अधिकारियों को 'सांप की तरह बैठे रहने' वाला तंज कसा और काम में कोताही बरतने पर जमकर फटकार लगाई। मंत्री की सख्ती का असर तुरंत दिखा और अधिकारी सक्रिय होकर महिला की समस्या के समाधान में जुट गए। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिस पर राजनीतिक घमासान भी छिड़ गया है।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस मामले में तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मौजूदा सरकार 'सुशासन तिहार' के नाम पर केवल नाटक कर रही है। बघेल ने सोशल मीडिया पर तंज कसते हुए लिखा कि अधिकारियों को गाली देकर जनता को बहलाया नहीं जा सकता, क्योंकि जनता को रील (वीडियो) नहीं बल्कि वास्तविक परिणाम चाहिए। अब एक ओर मंत्री का 'एक्शन मोड' चर्चा का विषय बना है, तो दूसरी ओर विपक्ष इसे प्रशासनिक विफलता का मुखौटा बताकर सरकार पर निशाना साध रहा है।
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20 Feb 2023
20 Feb 2023