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छत्तीसगढ़ में मानसून के दोबारा एक्टिव होते ही बिलासपुर नगर निगम और जिला प्रशासन के मॉनसून से निपटने के तमाम दावों की पहली ही बारिश में धज्जियां उड़ गई हैं। बिलासपुर में रातभर हुई भारी बारिश के बाद शहर के हालात बद से बदतर हो गए हैं। नगर निगम की नाला सफाई और जलभराव रोकने की कागजी तैयारियों का असर यह हुआ कि आज शहर की गली-गली तालाब में तब्दील हो चुकी है।
श्रीकांत वर्मा मार्ग, हंसा विहार, मित्र विहार, सरकंडा के बंधवापारा, जोरापारा और शिवम होम्स समेत शहर के कई पॉश और रिहायशी इलाकों की मुख्य सड़कों से लेकर लोगों के घरों के भीतर तक घुटनों तक पानी भर गया है। बदइंतजामी का आलम यह है कि चारों तरफ जलभराव के चलते लोगों का जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है और उन्हें भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासनिक नाकामी और बिगड़े हालातों को देखते हुए आनन-फानन में बिलासपुर जिले के स्कूलों में आज छुट्टी घोषित करनी पड़ी है।
एक तरफ जहां जनता पूरी रात जागकर अपने घरों से पानी निकालने की जद्दोजहद करती रही और सुबह दफ्तर व जरूरी कामों के लिए घुटने भर पानी में से गुजरने को मजबूर हुई, वहीं दूसरी तरफ नगर निगम के जिम्मेदार अधिकारी और अमला पूरी तरह से चैन की नींद सोता रहा।
जलभराव की इस गंभीर स्थिति में भी धरातल पर निगम का कोई भी अमला लोगों को राहत पहुंचाने के लिए मुस्तैद नजर नहीं आया, जिससे स्थानीय निवासियों में प्रशासन के खिलाफ भारी आक्रोश है। इस बीच, मौसम विभाग ने बंगाल की खाड़ी में बने लो प्रेशर एरिया के कारण प्रदेश में अगले तीन दिनों तक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है, जिससे बिलासपुर में हालात और ज्यादा बिगड़ने की आशंका है। उधर, रायगढ़ से एक दुखद खबर भी सामने आई है, जहां गुरुवार शाम जंगल में पुटू (जंगली मशरूम) बीनने गई 55 वर्षीय महिला प्रभा एक्का की आकाशीय बिजली की चपेट में आने से मौके पर ही मौत हो गई।
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17 Jul 2026
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20 Feb 2023
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