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छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में सुरक्षा व्यवस्था और कानून के खौफ पर सवालिया निशान लग गया है। यहाँ 24 अप्रैल की रात शादी समारोह से घर लौट रही चार सहेलियों को 12 बदमाशों ने रास्ते में घेर लिया। दो लड़कियां किसी तरह अपनी जान बचाकर भाग निकलीं, लेकिन दो नाबालिगों को आरोपी घसीटते हुए खेत में ले गए और उनके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया।
चार सहेलियां एक शादी समारोह में शामिल होकर पैदल घर लौट रही थीं। अचानक 6 बाइकों पर सवार होकर 12 लड़के आए और रास्ता रोक लिया। दो लड़कियां शोर मचाते हुए भागने में सफल रहीं, लेकिन आरोपियों ने बाकी दो नाबालिगों को पकड़ लिया और पास के खेत में ले जाकर गैंगरेप किया।
इस मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली सबसे बड़े विवाद का केंद्र बनी हुई है। परिजनों और स्थानीय लोगों का आरोप है कि घटना की जानकारी तुरंत देने के बावजूद न तो तत्काल FIR दर्ज की गई और न ही पीड़ितों का मेडिकल कराया गया। घटना में 12 लड़कों के शामिल होने की बात कही जा रही है, लेकिन पुलिस ने अब तक केवल 4 आरोपियों के खिलाफ ही मामला दर्ज किया है। ASP अमोलक सिंह ने घटना की पुष्टि तो की है, लेकिन शुरुआती सुस्ती पर विभाग के पास कोई ठोस जवाब नहीं है।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष बालकृष्ण पाठक ने इस मुद्दे पर सरकार और प्रशासन को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने कहा कि इतने संवेदनशील और जघन्य मामले में भी पुलिस ने तत्परता नहीं दिखाई। तत्काल FIR दर्ज न करना पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाता है। सरगुजा की इस घटना ने बेटियों की सुरक्षा के दावों की पोल खोल दी है। अब देखना यह है कि क्या प्रशासन सभी 12 आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज पाता है या यह मामला फाइलों में दबकर रह जाएगा।
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20 Feb 2023
20 Feb 2023