The Bare Truth

1.13 करोड़ की ठगी में नागपुर से दो महिलाएं गिरफ्तार, कारोबारी को चेन्नई-नागपुर बुलाकर दिखाए केमिकल वाले 'काले नोट

05 Aug 2026  

1.13 करोड़ की ठगी में नागपुर से दो महिलाएं गिरफ्तार, कारोबारी को चेन्नई-नागपुर बुलाकर दिखाए केमिकल वाले 'काले नोट

Share this post with:

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में 'ब्लैक मनी' को असली नोट में बदलने का झांसा देकर 1.13 करोड़ रुपए की बड़ी ठगी का पर्दाफाश हुआ है। बालोद जिले की सालिक ग्रीन रिन्यूएबल एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर उमेश कुमार सिन्हा ने तेलीबांधा थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि उन्हें अपनी कंपनी के विस्तार के लिए 45 करोड़ रुपए के विदेशी निवेश की जरूरत थी। 

 

इसी का फायदा उठाकर शातिर ठगों ने खुद को बड़े अधिकारियों और विदेशी निवेशकों का करीबी बताकर फाइल प्रोसेसिंग, सुरक्षा मंजूरी और जांच के नाम पर कारोबारी को अपने जाल में फंसाया। पीड़ित का विश्वास जीतने के लिए आरोपियों ने उन्हें चेन्नई और नागपुर बुलाया, जहां केमिकल के जरिए काले कागजों को असली नोट में बदलकर दिखाया गया और फिर अलग-अलग किस्तों में 1.13 करोड़ रुपए ऐंठ लिए।


ठगी का अहसास होने पर दर्ज कराई गई शिकायत के बाद एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट और तेलीबांधा पुलिस ने मोबाइल नंबरों, बैंक खातों और डिजिटल साक्ष्यों को खंगाला। जांच के तार महाराष्ट्र के नागपुर से जुड़े पाए गए, जिसके बाद पुलिस टीम ने दबिश देकर गिरोह की दो मुख्य महिला आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पकड़ी गईं आरोपियों की पहचान कनिज फातमा उर्फ भावना पांडेय (कोलकाता) और दीपिका पालीवाल (उदयपुर, राजस्थान) के रूप में हुई है।

 पुलिस ने उनके कब्जे से 3 मोबाइल फोन, ₹26,000 नगद, एटीएम और पहचान पत्र जब्त किए हैं। शुरुआती पूछताछ में सामने आया है कि यह अंतरराज्यीय गिरोह नागपुर और लखनऊ समेत देश के कई हिस्सों में ऐसी ठगी को अंजाम दे चुका है। फिलहाल पुलिस अन्य राज्यों से संपर्क साधकर मामले के बाकी फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है।

Share this post with:

POPULAR NEWS

© 2022 The Bare Truth. All rights reserved. Developed By Inclusion Web