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जहां बारिश में टपकती थी छत, अब वहां खिल रहे बचपन के सपने

18 Aug 2026  

जहां बारिश में टपकती थी छत, अब वहां खिल रहे बचपन के सपने

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छत्तीसगढ़ के ग्रामीण अंचलों में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के साथ नौनिहालों के सुरक्षित और बेहतर भविष्य की नींव मजबूत हो रही है। इसी सकारात्मक बदलाव की एक प्रेरक तस्वीर सूरजपुर जिले के भैयाथान विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत मसीरा में सामने आई है, जहां 'विकसित भारत जी-राम-जी योजना' के तहत निर्मित नए पक्के आंगनबाड़ी भवन ने बच्चों के लिए सुरक्षित, सुविधाजनक और सीखने के अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराया है। कभी कच्चे और जर्जर मकान में संचालित होने वाला यह आंगनबाड़ी केंद्र अब आधुनिक पक्के भवन में तब्दील हो चुका है, जहां बच्चों की खिलखिलाहट और प्रारंभिक शैक्षणिक गतिविधियां गुलजार हैं।


मसीरा की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता हीरामणी राजवाड़े के अनुसार, पहले केंद्र कच्चे मकान में चलने के कारण बरसात के दिनों में छत से पानी टपकता था, जिससे बच्चों को बैठाने और दैनिक गतिविधियां संचालित करने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। साथ ही बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावक भी हमेशा चिंतित रहते थे। इस समस्या के समाधान के लिए ग्राम पंचायत 

 

सरपंच बुधराम सिंह के माध्यम से प्रस्ताव तैयार कर जिला प्रशासन को भेजा गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर रेना जमील के मार्गदर्शन एवं जिला पंचायत सीईओ विजेंद्र सिंह पाटले के निर्देश पर प्रशासन ने त्वरित पहल करते हुए विकसित भारत जी-राम-जी योजना से नए आंगनबाड़ी भवन का निर्माण पूरा कराया।


नया पक्का भवन बनने से अब बच्चों को बारिश, धूप और खराब मौसम की परेशानियों से पूरी सुरक्षा मिल रही है, जिससे केंद्र में बच्चों की उपस्थिति शत-प्रतिशत हो गई है और अभिभावकों का भरोसा भी बढ़ा है। नए भवन में बच्चों को खेल-खेल में प्रारंभिक शिक्षा देने के साथ-साथ समय पर पौष्टिक आहार और शारीरिक-मानसिक विकास से जुड़ी गतिविधियां सुचारू रूप से संचालित की जा रही हैं। मसीरा का यह नया आंगनबाड़ी भवन ग्रामीण विकास की उस जमीनी हकीकत को दर्शाता है, जहां बुनियादी ढांचे के सुधार से सीधे तौर पर नौनिहालों का बचपन संवर रहा है।
 

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