Share this post with:
तेजी से बदलती जीवनशैली, अनियमित खानपान और तनाव भरी दिनचर्या के बीच शरीर में विषैले तत्व (टॉक्सिन्स) का जमाव आम हो गया है। यही वजह है कि आजकल डिटॉक्सिफिकेशन की चर्चा हर ओर है। विशेषज्ञों का मानना है कि नियमित डिटॉक्स से न केवल पाचन बेहतर होता है, बल्कि त्वचा में निखार आता है और मानसिक स्थिति भी स्थिर रहती है।
डिटॉक्स का मतलब क्या है?
डिटॉक्स यानी शरीर से विषैले तत्वों को बाहर निकालना। यह प्रक्रिया लिवर, किडनी और स्किन के जरिए स्वाभाविक रूप से होती है, लेकिन कुछ आदतें इस प्रक्रिया को तेज और प्रभावी बना सकती हैं।
डिटॉक्स करने के प्राकृतिक तरीके
गुनगुना नींबू पानी: दिन की शुरुआत एक गिलास गुनगुने पानी में नींबू और थोड़ा शहद मिलाकर करने से पाचन क्रिया सक्रिय होती है।
फाइबर युक्त भोजन: फल, सब्जियां, अंकुरित अनाज और सलाद शरीर को साफ करने में मदद करते हैं।
ध्यान और योग: योग से शरीर में ऑक्सीजन का प्रवाह बेहतर होता है, जिससे विषैले तत्व बाहर निकलते हैं।
पर्याप्त पानी पिएं: दिन में 8 से 10 गिलास पानी शरीर की सफाई के लिए सबसे जरूरी है।
डिटॉक्स वॉटर: खीरा, नींबू, पुदीना और अदरक डालकर पानी को कुछ घंटों के लिए रखें और पूरे दिन पिएं।
क्या न करें:
- तले-भुने और प्रोसेस्ड फूड से बचें।
- कैफीन और अल्कोहल की अधिकता शरीर में टॉक्सिन बढ़ा सकती है।
- नींद की कमी भी डिटॉक्स प्रक्रिया को धीमा करती है।
विशेषज्ञ की राय:
डाइटिशियन डॉ. निधि जैन के मुताबिक, "हर मौसम में शरीर की ज़रूरतें बदलती हैं। गर्मियों में शरीर को हाइड्रेट और हल्का भोजन देना बेहद जरूरी होता है। अगर लोग हफ्ते में दो दिन डिटॉक्स डाइट अपनाएं तो वजन नियंत्रण से लेकर स्किन ग्लो तक के फायदे मिल सकते हैं।"
Share this post with:
20 Feb 2023
20 Feb 2023