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रोजाना 30 से 45 मिनट की वॉक से नियंत्रित रहता है ब्लड प्रेशर, घटता है वजन और तनाव, बढ़ती है इम्युनिटी
आज के भागदौड़ भरे जीवन में लोग फिटनेस के लिए तरह-तरह के उपाय अपनाते हैं, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि अच्छी सेहत का सबसे सस्ता और असरदार तरीका है – रोज पैदल चलना। रोजाना 30 से 45 मिनट की तेज चाल में वॉक करने से शरीर की प्रमुख मांसपेशियां सक्रिय रहती हैं, जिससे कैलोरी बर्न होती है, हृदय स्वस्थ रहता है और ब्लड शुगर नियंत्रित रहता है।
एम्स, नई दिल्ली के कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. राकेश सिंह के अनुसार, जो लोग रोजाना 6,000 से 8,000 कदम चलते हैं, उनमें हृदय रोग और डायबिटीज का खतरा 30 से 40 प्रतिशत तक कम हो जाता है।
मानसिक स्वास्थ्य पर असर
पैदल चलने से शरीर में एंडॉरफिन नामक ‘फील गुड हार्मोन’ का स्राव होता है, जो मूड को बेहतर बनाता है और तनाव घटाता है। विशेषज्ञों के अनुसार सुबह के समय खुले वातावरण में वॉक करना डिप्रेशन, एंग्जायटी और अनिद्रा जैसी समस्याओं को कम करने में मदद करता है।
दिल, फेफड़े और हड्डियों के लिए फायदेमंद
वॉकिंग से शरीर में रक्त संचार बेहतर होता है, जिससे हृदय को पर्याप्त ऑक्सीजन मिलती है और कोलेस्ट्रॉल नियंत्रित रहता है। यह एक लो-इम्पैक्ट एक्सरसाइज है, जो हड्डियों और जोड़ों को मजबूत बनाती है बिना अधिक दबाव डाले।
वजन घटाने में कारगर
जो लोग वजन कम करना चाहते हैं, उनके लिए पैदल चलना एक सुरक्षित उपाय है। विशेषज्ञ बताते हैं कि 5 किलोमीटर रोजाना चलने से लगभग 250 से 300 कैलोरी बर्न होती है। यदि इसे निरंतर जारी रखा जाए, तो तीन महीने में 3 से 5 किलो वजन कम किया जा सकता है।
प्राकृतिक लाभ भी अनेक
सुबह या शाम के समय खुली हवा में चलने से शरीर को पर्याप्त विटामिन डी मिलता है, जिससे इम्यून सिस्टम मजबूत होता है। साथ ही फेफड़ों की क्षमता बढ़ती है और श्वसन तंत्र बेहतर कार्य करता है।
तकनीक से रख सकते हैं ट्रैक
अब कई मोबाइल ऐप्स और फिटनेस बैंड वॉकिंग को आसान बनाते हैं।
गूगल फिट, सैमसंग हेल्थ और फिटबिट जैसे ऐप्स से लोग अपने कदमों की गिनती, तय दूरी और बर्न कैलोरी की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
कितनी देर चलना जरूरी
शुरुआती लोग 15 से 20 मिनट रोजाना पैदल चलना शुरू कर सकते हैं। धीरे-धीरे इस अवधि को 45 मिनट या 10,000 कदम प्रतिदिन तक बढ़ाना चाहिए। चलते समय सीधी पॉश्चर, आरामदायक जूते और पर्याप्त पानी का सेवन आवश्यक है।
पैदल चलना सिर्फ व्यायाम नहीं बल्कि जीवनशैली का हिस्सा होना चाहिए। डॉ. राकेश सिंह कहते हैं – “अगर आप अपनी सेहत को दवाओं से नहीं बल्कि आदतों से संभालना चाहते हैं, तो रोज पैदल चलना शुरू करें। यही सबसे बड़ी दवा है।”
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