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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मंत्रालय महानदी भवन में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में प्रदेश के प्रशासन, सुरक्षा, रोजगार और डिजिटल भविष्य से जुड़े 9 बड़े फैसलों पर मुहर लगी। नशे के खिलाफ सख्त कार्रवाई से लेकर एंटी टेरर तैयारी, पायलट ट्रेनिंग, स्टार्टअप्स को बढ़ावा, स्मार्ट क्लाउड नीति और दूरस्थ इलाकों तक मोबाइल कनेक्टिविटी—कैबिनेट के फैसले छत्तीसगढ़ को नई दिशा देने वाले हैं।
कैबिनेट ने मादक पदार्थों की रोकथाम के लिए बड़ा कदम उठाते हुए रायपुर समेत 10 जिलों में जिला स्तरीय एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स के गठन हेतु 100 नए पदों को मंजूरी दी। वहीं, किसी भी बड़ी या आकस्मिक घटना से निपटने के लिए पुलिस मुख्यालय में एसओजी (स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप) के गठन को हरी झंडी दी गई, जिसके लिए 44 नए पद स्वीकृत हुए—आतंकी और गंभीर खतरों से निपटने की तैयारी और मजबूत होगी।
रोजगार और विमानन क्षेत्र में अवसर बढ़ाने के लिए राज्य के एयरपोर्ट व हवाई पट्टियों पर फ्लाइट ट्रेनिंग ऑर्गनाइजेशन (FTO) स्थापित करने का निर्णय लिया गया। निजी सहभागिता से शुरू होने वाला यह कदम पायलट ट्रेनिंग के साथ-साथ एयरक्राफ्ट रिसाइकिलिंग, हेलीकॉप्टर बंकिंग और एयरो स्पोर्ट्स जैसी गतिविधियों को भी बढ़ावा देगा।
नवाचार को गति देने के लिए छत्तीसगढ़ नवाचार एवं स्टार्टअप प्रोत्साहन नीति 2025-26 को मंजूरी मिली। इससे स्टार्टअप ईकोसिस्टम, इन्क्यूबेटर्स और निवेश आकर्षण को बल मिलेगा तथा स्टेट्स स्टार्टअप रैंकिंग में राज्य की स्थिति सुधरेगी।
नगरीय सुविधाओं के मोर्चे पर राहत देते हुए गृह निर्माण मंडल और रायपुर विकास प्राधिकरण की तैयार 35 आवासीय कॉलोनियों को नगर निगम/नगर पालिकाओं को सौंपने का निर्णय हुआ। इससे पानी, सड़क, सफाई जैसी सुविधाएं मिलेंगी और निवासियों पर दोहरा रखरखाव खर्च खत्म होगा।
नवा रायपुर अटल नगर में शासकीय विभागों और निगमों के लिए एक वृहद बहुमंजिला भवन बनाने का फैसला लिया गया, ताकि भूमि का बेहतर उपयोग हो और कार्यालय स्पेस सुव्यवस्थित हो।
सिरपुर और अरपा क्षेत्र के सुनियोजित विकास को तेज करने के लिए शासकीय भूमि आबंटन का अधिकार संबंधित जिला कलेक्टरों को दिया गया। वित्तीय स्थिति को देखते हुए भूमि आबंटन ₹1 प्रीमियम व भू-भाटक पर किया जाएगा—मास्टर प्लान के क्रियान्वयन को रफ्तार मिलेगी।
डिजिटल गवर्नेंस में ऐतिहासिक कदम के तौर पर “छत्तीसगढ़ क्लाउड फर्स्ट नीति” लागू करने की स्वीकृति दी गई। सभी विभाग केवल भारत सरकार से अनुमोदित क्लाउड या भारत-स्थित सुरक्षित डेटा/डिजास्टर रिकवरी सेंटर से सेवाएं लेंगे। कम प्राथमिकता एप्लिकेशन का माइग्रेशन 2027-28 तक और उच्च प्राथमिकता सेवाओं का 2029-30 तक पूरा होगा—लागत घटेगी, साइबर सुरक्षा और 24x7 सेवाएं मजबूत होंगी।
दूरस्थ और वामपंथी उग्रवाद प्रभावित इलाकों में कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए मोबाइल टावर योजना को मंजूरी मिली। नेटवर्क-विहीन बसाहटों में टावर लगेंगे, ई-गवर्नेंस, डीबीटी, स्वास्थ्य-शिक्षा, डायल 112 जैसी सेवाओं की पहुंच बढ़ेगी और सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ होगी।
कुल मिलाकर, साय कैबिनेट के फैसले सुरक्षा, सुशासन, रोजगार और डिजिटल समावेशन की दिशा में छत्तीसगढ़ को एक मजबूत छलांग दिलाने वाले हैं।
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09 Feb 2026
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20 Feb 2023
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